:
Breaking News

मोहर्रम पर बिहार में रहेगी कड़ी सुरक्षा, सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- शांति भंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मोहर्रम के दौरान बिहार में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्चस्तरीय बैठक की। अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पटना/आलम की खबर:पटना। मोहर्रम पर्व के दौरान बिहार में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर राज्य सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना में उच्चस्तरीय बैठक कर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस प्रशासन और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया कि मोहर्रम जैसे संवेदनशील अवसर पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखे। उन्होंने कहा कि राज्य में हर हाल में शांति और आपसी भाईचारा कायम रहना चाहिए। किसी भी व्यक्ति या समूह की ओर से सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में राज्य की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, संवेदनशील जिलों की पहचान, पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्व के दौरान छोटी से छोटी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं और समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ संवाद बनाए रखा जाए। प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकता है।

संवेदनशील जिलों में बढ़ाई जाएगी निगरानी

मोहर्रम को देखते हुए राज्य के संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि जुलूस के मार्ग, भीड़ वाले इलाकों और पहले से संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।

बैठक में सुरक्षा बलों की उपलब्धता और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बलों की तैनाती की समीक्षा की गई। कई जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी रखने की तैयारी की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अफवाह फैलाने वाले संदेशों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पुलिस साइबर टीमों को भी सक्रिय रहने को कहा गया है।

शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी धर्मों और समुदायों के त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर पहले से कार्रवाई की जाए। प्रशासन को निर्देश दिया गया कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव फैलाने वाली गतिविधि को तुरंत नियंत्रित किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जिलावार तैयारियों की जानकारी दी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों से अवगत कराया।

पुलिस-प्रशासन को लगातार गश्त के निर्देश

मोहर्रम के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने और स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।

प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी लोग शांतिपूर्ण माहौल में अपने धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें। इसके लिए जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर पूरी तैयारी रखने को कहा गया है।

सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया है कि बिहार की परंपरा हमेशा से आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की रही है। इसी परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेगा।

मोहर्रम को लेकर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। बिहार सरकार की ओर से की गई उच्चस्तरीय बैठक इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होना चाहिए और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार हमेशा से विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में प्रशासन की सक्रियता और आम लोगों की जिम्मेदारी दोनों जरूरी हो जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सहयोग भी शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, सोशल मीडिया निगरानी और स्थानीय स्तर पर संवाद की व्यवस्था से किसी भी संभावित समस्या को समय रहते रोका जा सकता है। प्रशासन को जहां सख्ती बरतनी होगी, वहीं आम लोगों से भी अपील है कि अफवाहों से बचें और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *